फसल के संकेत समझें और जिम्मेदार जैविक प्रबंधन की शुरुआती दिशा पाएँ।
फॉल आर्मीवर्म/इल्ली
पहचान के संकेत: पोंगे और नई पत्तियों में छेद, कतरन जैसा मल या गुच्छों में नुकसान।
सबसे पहले: खेत के अलग हिस्सों में पौधे गिनें, इल्ली की अवस्था देखें और साफ फोटो लें।
जैविक दिशा: फेरोमोन निगरानी, पक्षी बैठने की व्यवस्था और केवल पंजीकृत जैव-नियंत्रण विकल्प पर स्थानीय विशेषज्ञ से निर्णय लें।
तना सड़न या जड़ समस्या
पहचान के संकेत: पौधा अचानक मुरझाना, तने का निचला भाग कमजोर या जड़ भूरी होना।
सबसे पहले: पानी रुकने, जड़ की दशा और फैलाव की जाँच करें।
जैविक दिशा: जल निकास सुधारें, प्रभावित हिस्से अलग पहचानें और प्रयोगशाला/कृषि विशेषज्ञ से रोग की पुष्टि कराएँ।
जरूरी सुरक्षा: केवल फोटो देखकर अंतिम रोग या दवा तय न करें। खेत का इतिहास, मौसम, फैलाव और नमूना देखकर स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से पुष्टि करें। किसी भी उत्पाद का उपयोग केवल अनुमोदित लेबल के अनुसार करें।